शंट कैपेसिटर (Shunt Capacitor) लगाने का सही तरीका: 99% लोग करते हैं ये बड़ी गलती!

Shunt Capacitor


शंट कैपेसिटर (Shunt Capacitor) लगाने का सही तरीका: 99% लोग करते हैं ये बड़ी गलती!

क्या आपकी मोटर बार-बार गर्म हो रही है? या फिर क्या आपको बिजली विभाग से कम पावर फैक्टर (Power Factor) के कारण जुर्माना देना पड़ रहा है? अक्सर हम अपनी मोटर या खेतों के पंप में Shunt Capacitor तो लगा देते हैं, लेकिन 99% मामलों में इसे लगाने का तरीका गलत होता है।

आज के इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि कैपेसिटर लगाने का सही तरीका क्या है और गलत तरीके से लगाने पर आपकी मोटर को क्या नुकसान हो सकते हैं।

कैपेसिटर गलत लगाने से क्या होता है? (Common Mistakes)

ज्यादातर लोग क्या करते हैं कि स्टार्टर के कॉन्टैक्टर (Contactor) के उस तरफ कैपेसिटर जोड़ देते हैं जहां से मोटर की केबल निकलती है। इससे दो बड़े नुकसान होते हैं:

  1. गलत एम्पियर रीडिंग: जब आप मोटर वाली साइड कैपेसिटर लगाते हैं, तो आपकी ‘रिले’ (Relay) को मोटर के सही लोड का पता नहीं चलता। रिले को लगता है कि एम्पियर कम हैं, जबकि मोटर असल में ज्यादा करंट ले रही होती है। ऐसे में अगर मोटर जाम हो जाए, तो रिले उसे ट्रिप नहीं कर पाएगी और मोटर जल सकती है।
  2. कॉन्टैक्टर की लाइफ कम होना: मोटर ऑन करते समय कैपेसिटर के कारण होने वाली स्पार्किंग कॉन्टैक्टर के पॉइंट्स को जल्दी खराब कर देती है।

पावर फैक्टर (Power Factor) क्या है?

बिजली में दो चीजें होती हैं: वोल्टेज और करंट

  • रजिस्टिव लोड (हीटर, बल्ब): इसमें वोल्टेज और करंट एक साथ चलते हैं।
  • इंडक्टिव लोड (मोटर, वेल्डिंग मशीन): इसमें करंट, वोल्टेज से पीछे रह जाता है। इसे ही खराब पावर फैक्टर कहते हैं।

शंट कैपेसिटर का काम इसी पीछे छूटे हुए करंट को खींचकर वोल्टेज के बराबर लाना है ताकि लाइन पर फालतू का लोड न पड़े।

कैपेसिटर Shunt Capacitor लगाने का सही तरीका (Right Way to Connect)

कैपेसिटर को कभी भी मोटर के साथ सीधे नहीं जोड़ना चाहिए। इसे मेन लाइन और स्टार्टर के बीच में लगाना चाहिए।

सही कनेक्शन के स्टेप्स:

  1. एक छोटा और अलग कॉन्टैक्टर (जैसे 3 HP का) लें।
  2. इस कॉन्टैक्टर को मेन सप्लाई (R, Y, B) से जोड़ें।
  3. इस कॉन्टैक्टर के दूसरी तरफ कैपेसिटर जोड़ें।
  4. इस नए कॉन्टैक्टर की ‘कॉइल’ को मोटर वाले स्टार्टर से इस तरह कनेक्ट करें कि जैसे ही आप मोटर चलाएं, कैपेसिटर वाला कॉन्टैक्टर भी अपने आप ऑन हो जाए।

इसके फायदे क्या होंगे?

  • सेफ्टी: आपकी मोटर की रिले (Relay) बिल्कुल सही एम्पियर दिखाएगी और मोटर सुरक्षित रहेगी।
  • जुर्माने से बचत: सही जगह कैपेसिटर लगाने से पावर फैक्टर सुधरेगा और बिजली बोर्ड आपको जुर्माना (Penalty) नहीं लगाएगा।
  • लाइन लॉस में कमी: ग्रिड से आने वाली तारों पर लोड कम होगा और तारें गर्म नहीं होंगी।

निष्कर्ष

चाहे आपकी छोटी फैक्ट्री हो या खेत की मोटर, कैपेसिटर हमेशा एक अलग कॉन्टैक्टर के जरिए मेन लाइन पर ही लगाएं। यह न सिर्फ आपकी मोटर की उम्र बढ़ाएगा बल्कि बिजली की बर्बादी को भी रोकेगा।


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